तुम्हारे बिना भी.......
तुम्हारे बिना भी , रोज सवेरा आएगा। तुम्हारे बिना भी , रोज दिन ढलेगा। तुम्हारे बिना भी , रोज शाम आएगी। पर तुम्हारे बिना , मुझे नींद कैसे आएगी? ____________________ तुम्हारे बिना भी , मैं रोज काम पर जाऊंगा। तुम्हारे बिना भी, मैं रोज इस ही बिस्तर पर वापस आऊंगा। तुम्हारे बिना भी , मैं रोज तुम्हारी तस्वीरें देखूंगा। पर तुम्हारे बिना , मुझे तुम्हारी खुशबू कैसे आएगी? ________________________ तुम्हारे बिना भी, रोज पक्षी चहचहाएंगे। तुम्हारे बिना भी , रोज तारे टीम तिमाएंगे। तुम्हारे बिना भी, मैं रोज किताबे पढ़ूंगा। पर तुम्हारे बिना , मेरी शाम कैसे पूरी हो पाएगी? _______________________ तुम्हारे बिना भी , मैं रोज गलतियां करूंगा। तुम्हारे बिना भी, मैं रोज अपना रुमाल भूलूंगा। तुम्हारे बिना भी, मैं रोज चश्मा लगाए ही सो जाया करूंगा। पर तुम्हारे बिना , मैं तुम्हारी डांट कैसे सुन पाऊंगा? ________________________ तुम्हारे बिना भी, मैं रोज गीत सुनूंगा। तुम्हारे बिना भी , मैं रोज गीत गाऊंगा। तुम्हारे बिना भी, मैं रोज कविताएं लिखूंगा। पर तुम्हारे बिना , मै वो कविताएं किसे सुनाऊंगा? _____________...